जौनपुर:धान बेचने के लिए क्रयकेंद्रों का चक्कर लगा रहे किसान

सुईथाकला। सरकार के लाख प्रयास के बाद भी धान क्रय केंद्रों पर खरीदारी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही। किसान पंजीकरण कराने के बाद धान बेचने के लिए भटक रहे हैं। मजबूरन उन्हें औने-पौने दामों पर बिचौलियों के हाथों उपज बेचना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति शेखपुर में 212 किसानों ने अब तक पंजीकरण कराया है, जिसमें मात्र 17 लोगों से 578 क्विंटल धान खरीदा गया है। बाकी किसान चक्कर लगा रहे हैं।
विज्ञापनक्रय केंद्र से जुड़े किसान लालापुर निवासी सुरेश चंद्र पांडेय ने बताया कि महीनों से धान रखा हूं। कई बार क्रय केंद्र पर बेचने के लिए गया, लेकिन कभी धान ठीक नहीं होने का बहाना बताकर वापस कर दे रहे हैं तो कभी कुछ और। चितमपट्टी निवासी विनय सिंह ने बताया कि एक भी क्रय केंद्र पर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। जिन मिलों को क्रयकेंद्रों से अटैच किया गया है, वही मिल किसानों से औने-पौने दाम पर खरीद कर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। संजय तिवारी ने कहा कि मैं धान बेचने के लिए केंद्र पर गया था, लेकिन खरीदा नहीं गया। मिसिरपुर के किसान मन बहादुर सिंह का कहना है कि डेढ़ माह से समिति पर पंजीकरण कराने के बाद से इंतजार कर रहा हूं, मगर अब ज्यादा दिन तक नहीं करुंगा। यहां खरीद नहीं हुई तो बाजार में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। समोधपुर के जितेंद्र प्रकाश सिंह, चंद्रधर तिवारी ने भी पंजीकरण के बावजूद धान न खरीदे जाने की दलील दी। वहीं सचिव विनय कुमार बिंद का कहना है कि एक हजार बोरा ही प्रशासन से मिला है। इसके बाद से लगातार डिमांड की जा रही है। इंडियन राइस मिल को अटैच किया गया है, जो अब तक खरीदा गया धान नहीं ले गए हैं। ऐसे में खरीद की गति थोड़ी धीमी है। किसानों को धान अच्छी तरह सुखाकर लाने को कहा जा रहा है।

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