73 की पत्नी, 75 का पति, कोर्ट पहुंचा विवाद तो पांच हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश

 

जौनपुर। शाहगंज थाना क्षेत्र के भरण पोषण के मामले में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्रहलाद कुमार ने 73 वर्षीय वृद्धा को 5000 रुपये प्रति माह भरण पोषण देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश मुकदमा दायर करने के चार महीने के भीतर किया है।
विज्ञापनपट्टी गांव निवासी गेना देवी ने अदालत में नौ जुलाई को अधिवक्ता रामसकल यादव के माध्यम से 75 वर्षीय पति जुगुन के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया। उनका कहना था कि उसका विवाह जुगुन से 48 वर्ष पूर्व हुआ। दोनों को एक लड़की कैलाशी पैदा हुई, जो अपने ससुराल में रहती है। पिछले 11 साल से पति उससे कोई संबंध नहीं रख रहा है। घर में भी नहीं रहने देता है। कई बार पंचायत हुई लेकिन वह खर्च देने को तैयार नहीं है। वह गांव में ही घर के बाहर मड़हा डालकर अलग रहती है और भीख मांग कर गुजारा करती है। उसके परिवार के पास अच्छी खेती बारी है। खेती से जुगुन की आमदनी करीब 20 हजार रुपये होती है। गेना ने कोर्ट से भरण पोषण व इलाज के लिए पति से 10 हजार रुपये प्रति माह दिलाने की मांग की। कोर्ट ने 5000 रुपये प्रतिमाह भरण पोषण देने का आदेश दिया।

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